Romance Tumhaare Liye- Ek Prem Kahaani (Complete)

दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Sahi hai bohut se cases mai ye dekhne ko mila jaha emotions ko completely skip kiya gaya starting ke updates ke comparison mai
कहानी हर समय एक ही ढर्रे पर चले तो कहानी का मज़ा खराब हो जाता है ऐसा मेरा मानना है।
कहानी में हर स्थिति परिस्थिति के हिसाब से बदलाव होता रहना चाहिए। लेकिन कहानी अपनी पटरी से भी नहीं उतरनी चाहिए इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।। जिसकी हमने पूरी कोशिश की है। फिर भी कहीं कमी रह सकती है जिससे हम इनकार नहीं करेंगे।।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Kahani sirf hero heroine pe tik kar successful tab hoti hai jab hero heroine mein utni capacity ho ki khud dono akele hi kahani ko aage badhake le jaaye...
Lekin yahan sarita aur nischal ke mamle mein robotic lage dono hi kirdaar... aur fact bhi yahi hai...
👏👏👏🙏🙏🙏
😄😃😃😝😜
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Anant ne jhagda kiya usko dekh kisine galat matlab nikala...Ye aam aadmi ki soch ho sakti hai....lekinEk police officer hoke nischal ne aise kaise viswas kar liya wo bhi ek hi baar mein, jabki savita baar baar sachhayi se avagat karati rahi...
Ab savita koi 18 19 saal ki newly college going girl to hai nahi ki uske kadam bahak jaaye...as a hero nischal ko samajhni chahiye thi ye baat... Lekin wo wohi role nibhaya jo ek typical ek bhai ek ordinary story character nibhaata hai.... Zara si baat pe shaq karna ye to ek natak ki soch nahi ho sakta..specially romantic aur family based story line pe to katayi nahi...
हमने इस बात से कभी इनकार नहीं किया कि सविता के मामले में निश्चल सही है।
हम भी जब से सविता का मामला शुरू हुआ है यही कहते आ रहे हैं कि निष्चल को एक बार सविता की बात मानकर अनंत से बात कर लेनी चाहिए।।
गलती इंसानों से ही होती है। इंसान ही गलती का पुतला है।
अभी आपने एक जगह रोबो वाली बात की। अगर निष्चल भी वही करता जो सब करते हैं तो उसका किरदार रोबो की तरह लगता ऐसा मेरा मानना है क्योंकि तब वो कोई गलती ही न करता। जैसे रोबो नहीं करते।।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Anant ne jhagda kiya usko dekh kisine galat matlab nikala...Ye aam aadmi ki soch ho sakti hai....lekinEk police officer hoke nischal ne aise kaise viswas kar liya wo bhi ek hi baar mein, jabki savita baar baar sachhayi se avagat karati rahi...
Ab savita koi 18 19 saal ki newly college going girl to hai nahi ki uske kadam bahak jaaye...as a hero nischal ko samajhni chahiye thi ye baat... Lekin wo wohi role nibhaya jo ek typical ek bhai ek ordinary story character nibhaata hai.... Zara si baat pe shaq karna ye to ek natak ki soch nahi ho sakta..specially romantic aur family based story line pe to katayi nahi...
हमने इस बात से कभी इनकार नहीं किया कि सविता के मामले में निश्चल सही है।
हम भी जब से सविता का मामला शुरू हुआ है यही कहते आ रहे हैं कि निष्चल को एक बार सविता की बात मानकर अनंत से बात कर लेनी चाहिए।।
गलती इंसानों से ही होती है। इंसान ही गलती का पुतला है।
अभी आपने एक जगह रोबो वाली बात की। अगर निष्चल भी वही करता जो सब करते हैं तो उसका किरदार रोबो की तरह लगता ऐसा मेरा मानना है क्योंकि तब वो कोई गलती ही न करता। जैसे रोबो नहीं करते।।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Starting mai laga tha ki shayad savi supporting charactersl mai hogi jis hisab se uske sath convos they sarita ke and relation build huwa tha but bich mai hi wo bhi kahi khu ta huwa laga
and Abhishek ki wapsi ke Baad bhi Abhishek utna impact full character nahi dikha jis tarah se starting ke updates us par fi focus they.
I hope Mahi Maurya ji ne agey ka kuch soncha huwa hoga jo next updates mai hume dekhne ko mile
हमने कभी नहीं कहा था कि अभिषेक का चरित्र कहानी में मजबूत है।
ये बात हमने पात्र परिचय में भी नहीं कही है। ये कहानी सरिता के ऊपर है। ये कहानी महिला प्रधान कहानी है। निष्चल कहानी का मुख्य पुरुष पात्र इसलिए है क्योंकि सरिता के साथ उसकी जोड़ी बनेगी। बाकी के जितने भी पात्र हैं सब सपोर्टिंग में ही है।
कहानी में जिसका जितना रोल है उतना उसको दिया गया है।।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Nischal ke khud ke point of view kabhi kabhi samajhneai nahi aye jaha ek aor usne sarita ki help ki thi usey jhote case mai bachakar uske Baad uska kuch impact nazar nahi aya as a police officer
And relationships ko lekar bhi ab tak uske views kuch clear na dikhe jaha ek aor wo apni behen ko bohut pyaar karta hai aur Phir anant ji ke mamle mai waisa kuch na dikha
निष्चल कहानी का मुख्य पुरुष पात्र जरूर है लेकिन पूरी कहानी सरिता के इर्द गिर्द बुनी गई है। तो सबसे ज्यादा फोकस सरिता पर ही होगा।।
इसलिए बाकी के किरदार सपोर्टिंग किरदार के रूप में ही नजर आएंगे।।
यहां पर महिला प्रधान कहानियों की कमी रही है हमेशा। हमने बस एक कोशिश की है लेकिन परिणाम बहुत विपरीत मिला है
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Main bas yahi kehna chahungi ki readers ki baat maanke ekdum se wohi dikhane ki koshish na kare jo readers chahte hai balki mahi ji apne hisap se hi likhe, bas baaki ke characters pe bhi dhyan de... Khas taur pe un kirdaaro pe jo shruwaat se hi lead characters the...
कहानी में कोई बदलाव नहीं होगा।
कहानी जैसे चल रही है वैसी ही चलेगी।
जैसा अंत सोचा है वैसा ही लिखने की कोशिश करेंगे।
थोड़ा बहुत बदलाव अगर संभव होगा जिससे कहानी प्रभावित न हो तो वो भी करेंगे।।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Nischal ne ab tak jo bhi kiya hai, har baar ek hero ki duty aur emotions kam aur swarth zyada show hua hai...
Dusri baat adult forum story mein agar hero heroine bahot der se entry le to chaahe jitni koshish kar le, par us level tak wo impact nahi daal paate story pe jisse readers ko feeling aaye ki haan yahi hero heroine hai...
हम तो एडल्ट और इन्सेस्ट के रचना करने वाले हैं। लेकिन आप जैसे पाठकों ने मुझे रोमांटिक रचना करने पर विवश किया।
कोई भी कहानी परफेक्ट नहीं होती। चाहे वो जितना बड़ा रचनाकार क्यों न हो। हम तो अभी इस क्षेत्र में नए हैं। गलती होगी तभी आगे सीखेंगे।
 
दिल से दिल तक
2,557
5,867
143
Sabse badi baat ... Gussa hona aur ek ladki ke kamre mein adhi raat ko ghusne ,without permission usko baat baat baho mein bhar lena..in dono baaton mein bahot bada fark hai...aur ek baar nahi balki kayi baar kar chuka hai nischal... Ek romantic story ka hero aisa kaam katayi nahi karta jab tak ki heroine ke dil mein bhi uske liye lagav na aa jaaye..First downfall yahi se hua is kirdaar ka....
.nischal ke behavior wo South Indian films ke masale wale movies ke hero ki tarah hai, even raghav ka bhi.. shayad is mamle mein nischal se kahi zyada hi..
हमने पहले भी कहा है और अब भी कह रहे हैं कि निष्चल ने पूरी कहानी में अब तक सरिता को जानबूझकर बाहों में नहीं भरा है।
जब भी अगर ऐसा हुआ है वो या तो अकस्मात घटना थी जिसपर दोनों का कोई जोर नहीं था और या यों सरिता को बचाने के लिए निष्चल ने ऐसा किया।
निष्चल का कोई भी गलत इरादा नहीं था जिसमे और न ही कोई गलत इरादा दिखा।
आप वही बात एक बार कहती हैं और उसी बात से मुकर जाती हैं।
आपने कहा कि जब तक नायिका के दिल मे नायक के लिए लगाव और प्यार वाले जज्बात न रहें। तो राघव और मनीशा के बीच में लगाव है प्यार है तो फिर आप राघव को बार बार दोषी क्यों ठहरा रही हैं।
 
Eaten Alive
4,118
4,186
143
कहानी में कोई बदलाव नहीं होगा।
कहानी जैसे चल रही है वैसी ही चलेगी।
जैसा अंत सोचा है वैसा ही लिखने की कोशिश करेंगे।
थोड़ा बहुत बदलाव अगर संभव होगा जिससे कहानी प्रभावित न हो तो वो भी करेंगे।।
Aur wo thoda bahot badlaav ye ki savita abhishek ko dilo jaan se chaahne lagegi.... :D
 

Top